बेहद निराशाजनक बजट! छत्तीसगढ़ी को लेकर कुछ भी घोषणा नही: ठा. शैलेन्द्र छत्तीसगढ़िया
छत्तीसगढ़ी को पढ़ाई लिखाई , रोजगार , कामकाज की भाषा नही बनाने का विलम्ब और बर्दास्त नही ।
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के बिलासपुर जिला संयोजक ठा. शैलु छत्तीसगढ़िया ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करके बताया कि छत्तीसगढ़ को राज्य बने आज 21 वर्ष हो गये है और छत्तीसगढ़ी को राजभाषा बने 14 वर्ष हो गये लेकिन फिर भी छत्तीसगढ़ी को पढ़ाई लिखाई , रोजगार , कामकाज का भाषा नही बनाया जा रहा है लेकिन अब हम और बर्दास्त नही कर सकते । अगर यह सरकार जल्द ही हमारी मांगो पर विचार नही करती है तो महाआंदोलन करने के अतिरिक्त कोई विकल्प नही रहेगा । इस सरकार से बहुत आशा है लेकिन अभी तक के 3 बजट मे निराशा ही हाथ लगी है ।
आप देखिये कि हमारी साथ ही बने झारखंड राज्य में भाषा को लेकर जोरदार आंदोलन हो रहा है और वहां कि सरकार आंदोलनकारियों की बात भी मान रही है । कमोबेस छत्तीसगढ़ को छोड़कर हर राज्य के सरकारों में अपनी भाषा के प्रति प्रेम है तभी वे उसे रोजगार कामकाज की भाषा भी बनाये है लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार में इसका नितांत अभाव है ।
क्या इसलिए छत्तीसगढ़ियों ने प्रचंड बहमुत देकर सरकार बनाये थे ? इससे दुर्भाग्यपुर्ण क्या हो सकता है कि अपने आप को छत्तीसगढ़िया कहने वाली इस सरकार ने अपने तीसरे बजट में भी छत्तीसगढ़ी को लेकर कुछ भी घोषणा नही किया जिसका हम बेसब्री से इंतजार कर रहे थे ।
सरकार को अब यह बात समझ लेनी चाहिये कि अब वो दिन गये जब छत्तीसगढ़ियों को भुलवारा जाता था क्योकिं छत्तीसगढ़ आज 21 वर्ष का गबरु जवान हो गया है ।
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