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दुल्हा दुल्हन हर हसदेव जंगल ल बचाये बर लगाईच्च गोहार।

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दुल्हा-दुल्हन हर शादी मंडप ले हसदेव जंगल ल बचाये बर पारिच गोहार । हसदेव ल बचाये बर लोगन मन लगातार आघु आवत हे अऊ धरना , मनखे सिरंखला , ग्यापन देके जागरुक लोगन मन जंगल ल बचाये बर हरसंभव प्रयास करत हे अऊ इही बीच म तखतपुर के कौशिक परिवार के दुल्हा दुल्हन द्वारा बिहाव के मंच ले ही हसदेव जंगल ल बचाये के गोहार पोस्टर के माध्यम ले लगाईच। छत्तीसगढ़ी भासा के विकास बर तखतपुर ले रायपुर तक सायकल यात्रा कर चुके उमेश कौशिक माने दुल्हा के बरात काठाकोनी तखतपुर क्षेत्र ले हरदीटोना बिल्हा बर गईच्च जिहा जयमाला अऊ भांवर के बाद दुल्हा हर दुल्हिन के साथ बराती घराती अऊ सरकार सो हसदेव ल बचाये के गोहार लगाईच्च ।  छक्रांसे संगठन के तखतपुर विस उपाध्यक्छ दुल्हा उमेस कौशिक के कहना आंय हमर जंगल हर दुखद रुप ले कटत हे जेखर बर महुच्च हर बिकट दुखी हव अऊ इही बीच म मय लगिनहा हो गयेव त सड़क के लड़ाई नई लड़ पावत हव फेर सोच लेहे रहेव कि बिहाव म ही हसदेव ल बचाये के गोहार लगाके अपन छोटकुन योगदान देहू अऊ ए तरह ले मोर बिहाव हर सूरता रही ।

बेलासपुर जिला के ग्रामीन छेत्र मँ बुढ़ादेव यात्रा के धुम । कहु मांदर के थाप अऊ सेवा गीद ले सुवागत , त कहु सुवा-कर्मा नाचके राज्य के कुल देवता के करिच्च सुमरन। कल सहर म करही प्रवेस।

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मल्हार - मस्तुरी छेत्र म बुढ़ादेव यात्रा के धुम । कहु सुवा-कर्मा नाच त कहु मांदर के थाप से सुवागत के साथ मस्तुरी विधानसभा मँ होईच्च छेवर । अढ़ाई करोड़ छत्तीसगढ़िया मन ल माला असन एक सुत मँ  पिरोय बर निकाले गये बुढ़ादेव यात्रा के आज मस्तुरी विधानसभा मँ छेवर दिन रहिच, तीन दिन तक ए विधान सभा के सैकड़ो गांव मँ जाके लोगन ल संगठन के सेनानी द्वारा जागरुक करे गईच कि हमर पुरखा , भासा , संसकृति अऊ रोजगार बर हमन ल आघु आयेच्च ल परही काबर कि आऊ देर करबो त अंधेर हो जाही। संग संग सेनानी मन हर गांव के पावन ठऊंर ले एक चुटकी माटी उठाईच। छेवर दिन यात्रा का सुरवात वेदपरसदा गांव ले होईच्च जिहां ग्रामीन मन मांदर के मनमोहन थाप अऊ छत्तीसगढ़ी सेवा जोहार गीद ले रथयात्रा का स्वागत -आरती करीच्च , ओखर बाद ईटवा पाली गांव  मँ पारम्परिक सुवा नाच ले भी स्थानीय महिला मन ये राज्य के कुलदेवता बुढ़ादेव ल सुमरिच । ओखर बाद सरसेनी , बकरकुदा , डोड़की, बेटरी , मल्हार , मानिकचौरी , गोबरी गांव मँ मुंधियार के होवत ले जनजागरुकता चलते रहिच्च।  ऊहे ए यात्रा ले गदगद होके ग्...

जिले की कोई ऐसी सड़क नही जहां से बुढ़ादेव यात्रा नही गुजरेगी : जिलाध्यक्ष क्रांति सेना ।

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जिले की 700 सौ गांव की गली गली जायेगी बुढ़ादेव रथयात्रा : जिलाध्यक्ष क्रांति सेना , बिलासपुर छत्तीसगढ़ियों को शत प्रतिशत रोजगार देने  एवं उनके भाषा संस्कृति के लिए लड़ रही संगठन छत्तीसगढ़िया  क्रांति  सेना का बुढ़ादेव यात्रा एवं संगठन विस्तार को लेकर बैठक आज बिलासपुर के कोनी क्षेत्र में हुआ । जिसमे यात्रा को लेकर पदाधिकारियों ने विस्तार से बताया । साथ ही दर्जनों लोगो ने संगठन की सदस्यता स्वीकार किया । जिलाध्यक्ष कृष्णा कौशिक ने बताया कि हमारे प्रादेशिक मुख्यालय से जो लाखों बैनर पोस्टर आया है उसको जिले के 700 गावों के लाखों लोगो तक पहुचाने का कार्य में हमारे सेनानी लगे हुये है ताकी 18 अप्रेल से पहले ज्यादा से ज्यादा लोगो तक यात्रा के उद्देश्य को छत्तीसगढ़ियों के बीच ले जाया सके और इसी सिलसिले में आज कोनी में भी बैठक हुआ । सदस्यता प्रभारी बलराम साहू ने बताया कि हमारे संगठन के उद्देश्य से प्रभावित होकर कोनी क्षेत्र के दर्जनों युवाओ ने सदस्या लेकर छत्तीसगढ़ी महतारी के लिए कार्य करने का संकल्प लिया । इस अवसर पर कृतज्ञ पटेल को कोनी क्षेत्र के जिम्मेदारी दी गई। ...

बेहद निराशाजनक बजट! छत्तीसगढ़ी को लेकर कुछ भी घोषणा नही: ठा. शैलेन्द्र छत्तीसगढ़िया

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छत्तीसगढ़ी को पढ़ाई लिखाई , रोजगार , कामकाज की भाषा नही बनाने का विलम्ब और बर्दास्त नही । छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के बिलासपुर जिला संयोजक ठा. शैलु छत्तीसगढ़िया ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करके बताया कि छत्तीसगढ़ को राज्य बने आज 21 वर्ष हो गये है और छत्तीसगढ़ी को राजभाषा बने 14 वर्ष हो गये लेकिन फिर भी छत्तीसगढ़ी को पढ़ाई लिखाई , रोजगार , कामकाज का भाषा नही बनाया जा रहा है लेकिन अब हम और बर्दास्त नही कर सकते । अगर यह सरकार जल्द ही हमारी मांगो पर विचार नही करती है तो महाआंदोलन करने के अतिरिक्त कोई विकल्प नही रहेगा ।  इस सरकार से बहुत आशा है लेकिन अभी तक के 3 बजट मे निराशा ही हाथ लगी है । आप देखिये कि हमारी साथ ही बने झारखंड राज्य में भाषा को लेकर जोरदार आंदोलन हो रहा है और वहां कि सरकार आंदोलनकारियों की बात भी मान रही है । कमोबेस छत्तीसगढ़ को छोड़कर हर राज्य के सरकारों में अपनी भाषा के प्रति प्रेम है तभी वे उसे रोजगार कामकाज की भाषा भी बनाये है लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार  में इसका नितांत अभाव है ।  क्या इसलिए छत्तीसगढ़ियों ने प्रचंड बहमुत देकर स...