नवा सिक्छा नीति 2020 लागु । ए नवा नीति लँ छत्तीसगढ़ मँ अमलीजामा पहिनाये बर छत्तीसगढ़ सरकार ऊपर चौतरफा दबाव ।
नवा सिक्छा नीति 2020 लँs केन्दरीय केबिनेट के मंजुरी मिल गे हवय । पुर्व इसरो परमुख कस्तूरीरंगन के अघुवाई मँ बिसेसग्य मन के एक समिति हर एखर मसौदा तियार करे रहिच्च जेला परधानमंतरी के अध्यक्छता मँ केबिनेट हर बुधवार के मंजुरी दिहिस हवय । नवा सिक्छा नीति मँ बहुत अकन बदलाव करे गय हवय । "नवा सिक्छा नीति मँ पाँचमी कक्छा तक महतारी भाखा , ईस्थानीय भाखा या छेतरीय भाखा मँ पढ़ाई के माधियम के गोठ लँ सफा सफा फोरे गये हे । संगे संग कहे गये हवय कि एला कक्छा आठमी तक बढ़ाये जा सकत हे अऊ बिदेसी भासा के पढ़ाई सेकेन्डरी स्तर ले होही ।" बर्तमान मानव संसाधन बिकास मंतरी अऊ होने वाला केन्दरीय सिक्छा मंतरी रमेस पोखरियाल हर बुधवार के परेस बारता करके ए बात ल फोरिच्च । माने जावत हे कि ए नवा सिक्छा नीति ले छत्तीसगढ़ जईसे राज के सिक्छा बेवस्था मँ जबरजस्त बदलाव होहय काबर कि अभी तक ए राज्य हर अपन महतारी भाखा छत्तीसगढ़ी , गोंडी , सरगुजी, etc माधियम मँ पराथमिक सिक्छा पाये बर बंचित हवय । गौरतलब हे कि छत्तीसगढ़ मँ जम्मों राज असन बुनियादी सिक्छा के माधियम महतारी भाखा करवाये बर छत्तीसगढ़िया कर...