धन्नबाद करोना जऊंन छत्तीसगढ़ अऊ मस्तूरी छेत्र के जमीनी सच्चाई ल आघु लाये ।
बेलासपुर जिला के पुरबी हिस्सा के जमीनी हकीकत ल बताये बर धन्यवाद करोना । 11-12 सताब्दी मँ ओड़िसा , आन्ध्रा के सासक मन लँ पुरब मँ महानदी अऊ दक्छिन मँ गोदावरी के ओ पलाट खदेड़ने (हकालने) वाला हैहयवंसी (कल्चुरी) नरेस गजसार्दुल जाज्वल्यदेव -I हर जब निडला (लीलागर नदी) के तट मँ बसे मलार (मल्हार) मँ अपन सासन बेव्यस्था ईस्थापित करिच्च त ओहर सोचे नई रहिस होही के मोर सासन के 900 बछर बाद सोना नगरी मलार (मस्तुरी) के लोगन मन कमाये खाये परदेस जाही । छत्तीसगढ़ ले बैकुंठ मँ बस चुके अजीत जोगी सही कहय कि *अमीर धरती के गरीब संतान* । खाल्हे देहे करतन के मुताबिक भास्कर हर कहत हे कि जिला के आधा ल जादा मजदूर मस्तूरी छेत्र के आंय अऊ हरिभूमी कहत हे कि 44000 लोगन मस्तुरी छेत्र मँ अवईया हवय जऊंन कमाये खाये अंते गये हवय अऊ मस्तुरी बलाक के छमता 22000 हवय । मजबुरी मँ ए छेत्र के मजदूर मन ल क्वारांईनटाईन करे बर बेलासपुर, बिल्हा, रतनपुर, तखतपुर जैहे परोसी बलाक मँ ठहराय गये हवय अऊ अईसनहा ईस्थिती वाला बनत तक पुरा राज्य मँ अकलौटा होहय। मस्तूरी , जऊंन उत्तर मँ खोंधरा ले दक्छिन...